ब्याज दर नहीं घटी, फिर भी बाजार खुश क्यों? RBI नीति ने खोले कई राज

RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार  मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है।

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब हाल ही में यूनियन बजट 2026-27 पेश हुआ है और भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा भी हो चुकी है। बाजार जहां एक और कटौती की उम्मीद कर रहा था, (RBI Monetary Policy) वहीं RBI ने फिलहाल रुकने का रास्ता चुना।

125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद ठहराव

गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अब तक RBI कुल 125 बेसिस पॉइंट्स यानी 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। इसके बावजूद इस बार MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को स्थिर रखने और नीति का रुख न्यूट्रल बनाए रखने का फैसला लिया।

इससे पहले दिसंबर 2025 की मौद्रिक नीति बैठक में RBI ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती की थी। तब रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत हो गया था। उस वक्त भी केंद्रीय बैंक का स्टांस न्यूट्रल ही रखा गया था।

महंगाई पर क्या बोला RBI?

RBI ने अपनी नीति समीक्षा में संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह 2 से 6 प्रतिशत के सहनशील दायरे में ही रहेगी।

केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए CPI आधारित महंगाई का अनुमान 2.1 प्रतिशत रखा है। मौजूदा वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में यह 3.2 प्रतिशत रह सकती है। वहीं FY27 की पहली तिमाही में महंगाई 4 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 4.2 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

GDP ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव संकेत

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर RBI ने भरोसा जताया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल GDP ग्रोथ का अनुमान 7.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया गया है।

RBI के मुताबिक FY27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 6.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत रह सकती है। इससे साफ है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

नए रेगुलेटरी उपायों की तैयारी

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि RBI जल्द ही ग्राहक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और NBFC व अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए कारोबार आसान बनाने से जुड़े नए नियामक उपाय लागू करेगा।

इन कदमों का मकसद आम लोगों के पैसों को और सुरक्षित बनाना और बैंकिंग सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

एक्सपर्ट की राय: आगे कटौती की गुंजाइश?

एक्सिस सिक्योरिटीज PMS के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर नवीन कुलकर्णी ने कहा कि RBI का फैसला बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहा। उन्होंने कहा कि FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाया गया है, जबकि महंगाई अनुमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

उनके मुताबिक, आने वाली बैठकों में 25 बेसिस पॉइंट्स की एक और कटौती की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन भारत-अमेरिका ट्रेड डील, मजबूत GDP और काबू में CPI के चलते यह आसान नहीं दिख रहा।

कुल मिलाकर RBI ने फिलहाल संतुलन बनाए रखने का संकेत दिया है। अब बाजार की नजरें अगली मौद्रिक नीति बैठक और वैश्विक हालात पर टिकी रहेंगी।

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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