India expressway news: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और दिल्ली के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान होने जा रही है. अभी तक जहां इस सफर में साढ़े छह घंटे या उससे अधिक समय लग जाता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी. इस बड़े बदलाव की वजह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे है, जिसका उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं.
इस एक्सप्रेसवे को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है. फरवरी 2020 में इसे मंजूरी मिली और दिसंबर 2021 में इसकी आधारशिला रखी गई. इसके बाद निर्माण कार्य को तीन हिस्सों में बांटकर पूरा किया गया, ( India expressway news)पहला हिस्सा दिल्ली के अक्षरधाम से ईपीई जंक्शन तक, दूसरा वहां से सहारनपुर बायपास तक और तीसरा सहारनपुर से देहरादून तक. कुछ हिस्से पहले ही चालू हो चुके थे, लेकिन अब पूरा कॉरिडोर एक साथ शुरू होने जा रहा है.
धार्मिक और पर्यटन दोनों ही दृष्टि…
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से गुजरते हुए देहरादून पहुंचेगा. नई सड़क बनने से दूरी भी कम होकर लगभग 213 किलोमीटर रह जाएगी. बेहतर सड़क और तेज रफ्तार के कारण यह सफर बेहद सुगम और आरामदायक होगा.
इस एक्सप्रेसवे का फायदा सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा. यहां से एक मार्ग हरिद्वार की ओर भी निकलेगा, जो आगे चारधाम हाईवे से जुड़ता है. इससे ऋषिकेश, मसूरी और हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा. धार्मिक और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी.
इस 6-लेन एक्सप्रेसवे में आधुनिक
करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 6-लेन एक्सप्रेसवे में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का खास ध्यान रखा गया है. इसमें कई इंटरचेंज, रेलवे ओवरब्रिज, बड़े पुल और यात्रियों के लिए वेसाइड सुविधाएं शामिल हैं. लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए रास्ते में रुककर आराम और भोजन की बेहतर व्यवस्था भी की गई है, जिससे सफर अधिक सुविधाजनक बनेगा.
एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर तैयार
देहरादून से पहले का अंतिम हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन से होकर गुजरता है. यहां निर्माण के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई. इसी वजह से डाट काली मंदिर के पास सुरंग बनाई गई और लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर तैयार किया गया, जिससे जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो. हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए अलग अंडरपास और मार्ग भी बनाए गए हैं.
पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली-देहरादून मार्ग और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. खासकर वीकेंड पर देहरादून और मसूरी जाने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह सफर आसान और कम समय में पूरा होने वाला हो जाएगा.
बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार तथा रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा. कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने वाला है, जो यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा.

















































