बिहार राज्यसभा चुनाव में अचानक बदला समीकरण, Nitish Kumar के नेतृत्व में NDA ने कर दिया क्लीन स्वीप

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बड़ी जीत हासिल की है. यहां तक कि महागठबंधन के दावे और रणनीतियों को दरकिनार करते हुए, एनडीए ने अपनी सभी सीटों पर कब्जा किया. जहां चार सीटों पर जीत पहले से ही तय थी, वहीं पांचवीं सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला. लेकिन कुछ अप्रत्याशित घटनाओं ने महागठबंधन के उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने 202 विधायकों के बल पर पांच उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. चार सीटों पर उनकी जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी, क्योंकि एनडीए के पास पर्याप्त संख्या थी. (Rajya Sabha Election 2026)लेकिन पांचवीं सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह और एनडीए के शिवेश राम के बीच मुकाबला था.

महागठबंधन की ओर से पूरी ताकत झोंकी गई थी, लेकिन एनडीए की रणनीति मजबूत रही और उसकी सभी सीटों पर जीत हो गई. दरअसल, महागठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए था, लेकिन वोटिंग प्रक्रिया के दौरान कुछ अप्रत्याशित घटनाएं घटित हुईं.

अंत में चार विधायकों ने मतदान में

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंकी थी. AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की इफ्तार पार्टी और बसपा के एकमात्र विधायक सतीष यादव के समर्थन से महागठबंधन ने 16 मार्च को अपनी रणनीति बनाई. तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के विधायकों को पटना के एक होटल में ठहरने को कहा था ताकि सभी एकजुट रहकर मतदान में भाग ले सकें. लेकिन अंत में चार विधायकों ने मतदान में भाग नहीं लिया—जिसमें कांग्रेस के तीन और राजद का एक विधायक शामिल था.
इस तरह महागठबंधन की उम्मीदों को झटका लगा, क्योंकि इस रणनीति से पांचवीं सीट जीतने की संभावना खत्म हो गई.

 महागठबंधन के लिए यह हार

जब मतगणना हुई, तो एनडीए के उम्मीदवारों की जीत की घोषणा कर दी गई. इसके बाद एनडीए के कार्यकर्ताओं ने खुशी से जश्न मनाना शुरू कर दिया. इस जीत से एनडीए का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है. दूसरी ओर, महागठबंधन के लिए यह हार एक बड़ा धक्का साबित हुई, खासकर जब उनके उम्मीदवार पांचवीं सीट पर जीत के बेहद करीब थे.

कुछ विधायकों की अनुपस्थिति

इस चुनाव में जो खास बात सामने आई वह थी महागठबंधन के अंदर का ‘खेला’. कुछ विधायकों की अनुपस्थिति और मतदान प्रक्रिया में शामिल न होने के कारण महागठबंधन का सपना टूट गया. AIMIM और बसपा के दम पर महागठबंधन ने जीत का दावा किया था, लेकिन उनके विधायकों की अनुपस्थिति ने उनके सारे प्रयासों को विफल कर दिया.

जीतने वाले उम्मीदवारों में कौन कौन हैं?

नीतीश कुमार – जदयू
रामनाथ ठाकुर – जदयू
नितिन नवीन – भाजपा
शिवेश कुमार – भाजपा
उपेंद्र कुशवाहा – रालोमो

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

Related Posts

संसद में बड़ा बदलाव तय! महिला आरक्षण संशोधन बिल से 2029 तक नया राजनीतिक समीकरण बन सकता

women reservation:…

बड़ा बदलाव आने वाला! दिल्ली-देहरादून 2.5 घंटे, 14 अप्रैल को एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर पूरी तरह

 India expressway…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *