क्या आप जानते हैं भारत में सबसे पहले कहां पहुंचता है मानसून? जवाब शायद आपकी सोच से अलग है!

Monsoon 2026: नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच देशभर के लोगों की निगाहें मानसून पर टिकी रहती हैं। मानसून केवल तापमान में राहत ही नहीं देता, बल्कि किसानों के लिए नई उम्मीद भी लेकर आता है।(Monsoon 2026) भारत की बड़ी आबादी और कृषि क्षेत्र मानसूनी बारिश पर निर्भर है, इसलिए इसका आगमन हर साल खास महत्व रखता है।

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली दस्तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में होती है। आमतौर पर हर साल 20 से 22 मई के बीच मानसून यहां पहुंच जाता है। बंगाल की खाड़ी के करीब होने के कारण मानसूनी हवाएं सबसे पहले इन द्वीपों को प्रभावित करती हैं।

मेनलैंड भारत में सबसे पहले पहुंचता है केरल

अगर भारत के मुख्य भूभाग की बात करें तो मानसून सबसे पहले केरल में प्रवेश करता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में 1 जून के आसपास केरल में मानसून दस्तक देता है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की पहली बारिश दर्ज की जाती है।

तिरुवनंतपुरम क्यों बनता है मानसून का पहला पड़ाव?

तिरुवनंतपुरम की भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। यह शहर भारत के दक्षिण-पश्चिमी छोर पर स्थित है और अरब सागर के बेहद करीब है। हिंद महासागर और अरब सागर से नमी लेकर आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं सबसे पहले केरल तट से टकराती हैं। वहीं, पश्चिमी घाट की पर्वत श्रृंखला बादलों को रोककर भारी वर्षा में मदद करती है, जिससे यहां मानसून की शुरुआत जल्दी होती है।

कैसे आगे बढ़ता है मानसून?

केरल पहुंचने के बाद मानसून धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ता है। जून के पहले और दूसरे सप्ताह में यह कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र तक पहुंच जाता है। मुंबई में आमतौर पर 10 से 11 जून के बीच मानसून दस्तक देता है, जबकि कोलकाता में जून के मध्य तक बारिश शुरू हो जाती है। दिल्ली में मानसून आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचता है।

क्यों कहा जाता है मानसून को भारत की रीढ़?

भारत में होने वाली कुल वार्षिक बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है। अच्छी बारिश होने पर खेती को लाभ मिलता है, जलाशय भरते हैं, पेयजल की उपलब्धता बढ़ती है और बिजली उत्पादन को भी मदद मिलती है। वहीं, कमजोर मानसून का सीधा असर कृषि उत्पादन, खाद्य कीमतों और जल संसाधनों पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सिर्फ मौसम की घटना नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था की धड़कन है। करोड़ों किसानों की फसल, ग्रामीण आय और देश की खाद्य सुरक्षा काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। यही वजह है कि हर साल मानसून की पहली दस्तक का देशभर में बेसब्री से इंतजार किया जाता है।

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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