International Politics News: ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ‘नाटो’ (NATO) सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में नाटो देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है. यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई जब अधिकांश नाटो सहयोगियों ने इस(International Politics News) युद्ध में अमेरिका का साथ देने से हाथ पीछे खींच लिए.
बदले में हमें कुछ नहीं मिलता…
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर नाटो की आलोचना करते हुए लिखा, ‘अमेरिका इन देशों की रक्षा के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है, लेकिन बदले में हमें कुछ नहीं मिलता.’ ट्रंप इस बात से खफा हैं कि परमाणु हथियारों के मुद्दे पर सहमत होने के बावजूद ये देश युद्ध के मैदान में अमेरिका के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं.
अपनी सैन्य ताकत का बखान करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अकेले ही ईरान की सैन्य शक्ति को तहस-नहस कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘ईरान की नौसेना, वायु सेना और हवाई रक्षा प्रणाली अब खत्म हो चुकी है. यहां तक कि उनके नेतृत्व को भी हमने मिटा दिया है.’ ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और उसे अपनी जंग जीतने के लिए किसी की मदद की दरकार नहीं है.
फ्रांस कभी भी होर्मुज स्ट्रेट को खोलने
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस कभी भी होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेगा. मैक्रों ने कहा, ‘हम इस लड़ाई में शामिल नहीं हैं और इसलिए फ्रांस अभी के हालात में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने या आजाद कराने के ऑपरेशन में कभी हिस्सा नहीं लेगा.’
अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुट स्ट्रेट बंद कर दिया था. क्रूड ऑयल के ग्लोबल खपत का पांचवां हिस्सा इसी रूट से सप्लाई होता है. होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की वजह से कई देशों में एनर्जी क्राइसिस पैदा हो गया है. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से अमेरिका का साथ देने की अपील की थी, ताकि होर्मुज स्ट्रेट खुलवाया जा सके. ट्रंप ने देशों से आग्रह किया था कि होर्मुज स्ट्रेट में अपने युद्धपोत भेजें.

















































