कर्नाटक के फैसले ने छेड़ी नई बहस…क्या राजस्थान में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगेगा प्रतिबंध?

Karnataka social media ban kids: जयपुर। डिजिटल युग में बच्चों के बढ़ते सोशल मीडिया उपयोग को लेकर चिंता अब नीति स्तर तक पहुंचने लगी है। कर्नाटक सरकार द्वारा 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद अब राजस्थान में भी ऐसी ही नीति बनाने की मांग तेज हो गई है। संयुक्त अभिभावक संघ ने इस फैसले को विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए साहसिक और दूरदर्शी कदम बताया है।

संयुक्त अभिभावक संघ का कहना है कि आज सोशल मीडिया बच्चों के जीवन का बड़ा हिस्सा बन चुका है। घंटों मोबाइल पर समय बिताने से न सिर्फ पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर (Karnataka social media ban kids)भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। ऐसे में कर्नाटक सरकार का फैसला बच्चों को सुरक्षित और संतुलित वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजस्थान में भी बने सख्त नीति की मांग

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि कर्नाटक की तर्ज पर राज्य में भी 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बच्चों की पढ़ाई और मानसिक विकास दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

संघ के अनुसार छोटे बच्चे आज कई-कई घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं। इससे पढ़ाई में ध्यान कम हो रहा है और मानसिक तनाव, अवसाद तथा नकारात्मक कंटेंट के प्रभाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। एल्गोरिद्म के जरिए कई बार भ्रामक या नकारात्मक सामग्री बच्चों के सामने बार-बार आती है, जो उनके मानसिक विकास पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

एक साल से उठा रहे हैं मुद्दा

पिछले एक वर्ष से लगातार सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को लेकर आवाज उठा रहा है। इस संबंध में राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखकर बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नीति सामने नहीं आई है। यदि सरकार वास्तव में बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो सोशल मीडिया के अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट और सख्त कानून बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेशभर के अभिभावकों के साथ मिलकर इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा।

अब सवाल यह है कि क्या राजस्थान सरकार भी कर्नाटक की तरह बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त नीति लागू करेगी या यह मांग फिलहाल बहस तक ही सीमित रहेगी।

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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