Khatu Shyam Ji Temple: श्री खाटूश्याम जी मंदिर प्रशासन ने बताया है कि अमवस्या के पश्चात आयोजित विशेष सेवा एवं तिलक-श्रृंगार के चलते मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए 25 सितंबर की रात 10 बजे शयन आरती के बाद बंद कर दिया जाएगा और अगले दिन 26 सितंबर की शाम 5 बजे संध्या आरती तक बंद रहेगा ….कुल मिलाकर लगभग 19 घंटे का अंतराल रहेगा। मंदिर के मंत्री मनवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि इस विशेष तिलक-श्रृंगार में (Khatu Shyam Ji Temple) विस्तृत पूजा-विधि और श्रृंगार शामिल है, जिसे करने में 8 से 12 घंटे लग सकते हैं। इसलिए सत्कार्य की गरिमा बनाए रखने के लिए जनता के दर्शन अस्थायी रूप से रोके जा रहे हैं।
भक्तों के लिए क्या सलाह दी गई है?
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध किया है कि वे मंदिर आगमन से पहले औपचारिक बंद-खुलने के समय की पुष्टि कर लें ताकि अनावश्यक भीड़ और असुविधा से बचा जा सके। समिति ने यह भी कहा कि श्रृंगार के दौरान शांति और श्रद्धा का माहौल बनाये रखना आवश्यक है।
- मंदिर जाने से पहले आधिकारिक सूचना या समिति के आधिकारिक चैनल से समय जाँचे।
- अगर यात्रा लंबी है तो अपना कार्यक्रम बदलने का विकल्प रखें।
तिलक-श्रृंगार का धार्मिक संदर्भ
खाटूश्याम जी को ‘हारे के सहारे’ के रूप में जाना जाता है और उन्हें भगवान कृष्ण का रूप माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार बर्बरीक (बरबरीक/बंधु?) के शीशदान से जुड़ी हुई मान्यताएँ खाटूश्याम पूजा की नींव बनीं। विशेष तिलक-श्रृंगार पर श्रद्धालु गहन आराधना और विधियों में सम्मिलित होते हैं, इसलिए इन आयोजनों को संवेदनशीलता के साथ प्रबंधित किया जाता है। प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे निर्धारित समय से बहुत पहले मंदिर परिसर में एकत्र न हों और निर्देशों का पालन करें ताकि सभी के लिए सहज व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।


















































