श्राद्ध पक्ष….चंद्रग्रहण के बीच पंचकुंडीय महायज्ञ सम्पन्न, श्रद्धालुओं ने लिया मोबाइल त्याग और पर्यावरण संरक्षण का वचन

Govind Dev Ji Temple:  श्राद्ध पक्ष एवं चंद्रग्रहण के उपलक्ष्य में रविवार को गोविन्द देवजी मंदिर प्रांगण में आयोजित पंचकुंडीय पितृ तृप्ति गायत्री महायज्ञ ने पारंपरिक सांस्कृतिक अनुष्ठान और समकालीन सामाजिक संदेश का मिश्रण प्रस्तुत किया। तीन पारियों में लगभग 200 श्रद्धालुओं ने अपने दिवंगत पितृगणों की स्मृति में काले तिल, जो, चावल एवं घृत से आहुतियां अर्पित कीं।

महंत अंजन कुमार गोस्वामी की सान्निध्य में आयोजित इस यज्ञ में मंदिर सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने ठाकुर श्री गोविन्द देवजी, वेदमाता गायत्री एवं गुरुसत्ता का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। (Govind Dev Ji Temple) गायत्री शक्ति पीठ ब्रह्मपुरी की गायत्री कचोलिया, गायत्री तोमर, डॉ. अजय भारद्वाज और सृष्टि ने प्रज्ञा गीतों के माध्यम से यज्ञ का संचालन किया।

पितर हमारे अदृश्य सहायक हैं

प्रवचन में डॉ. अजय भारद्वाज ने कहा कि पितर हमारे अदृश्य सहायक हैं और उनके प्रति श्रद्धा केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि सदाचार, सेवा और पारिवारिक परंपराओं को निभाने से व्यक्त होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पितरों की स्मृति से मिलने वाला आशीर्वाद जीवन में शांति, प्रगति और सामूहिक सद्भाव को बल देता है।

यज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं ने पारंपरिक आहुतियों के अलावा सामाजिक-तह पर भी संकल्प लिया — जिनका उत्सव समुदाय-नियोजित बदलाव की दिशा में कदम माना गया। प्रमुख संकल्पों में शामिल थे:

  • “जूठन नहीं छोड़ेंगे” — भोजन-संस्कृति में स्वच्छता अपनाना।
  • “एक पेड़ अवश्य लगाएंगे” — पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा।
  • “मोबाइल का अत्यधिक उपयोग नहीं करेंगे” — डिजिटल-डिटॉक्स और पारिवारिक समय को महत्व देना।
  • प्रतिदिन गायत्री मंत्र जाप तथा सूर्य को अर्घ्य देने जैसी आध्यात्मिक आदतें अपनाना।

कार्यक्रम में दिलचस्प पहलू यह भी रही कि भारतीय श्रद्धालुओं के साथ एक विदेशी दंपति ने भी भाग लिया और वे श्रद्धापूर्वक अग्नि में आहुतियां अर्पित कर पितरों का स्मरण किया — इससे स्थानीय परंपरा की सार्वत्रिक स्वीकार्यता और सांस्कृतिक संवाद का संदेश मिला।

गायत्री चालीसा निशुल्क भेंट

यज्ञ के मौके पर आधा दर्जन श्रद्धालुओं ने अपने जन्मदिन पंचतत्व पूजन के साथ मनाए; मंदिर प्रशासन ने सभी को ठाकुर श्री गोविन्द देवजी का चित्र, प्रसाद और दुपट्टा भेंट स्वरूप प्रदान किया। साथ ही गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी द्वारा सत्साहित्य की प्रदर्शनी लगाई गई, जहाँ उपस्थितों ने प्रेरणादायक पुस्तकें काम लागत मूल्य पर प्राप्त कीं।

समाप्ति पर मंदिर ने उपस्थित श्रद्धालुओं को युग निर्माण सत्संकल्प पत्रक और गायत्री चालीसा निशुल्क भेंट किए और यज्ञ सामग्री भी निशुल्क उपलब्ध करवाई। आयोजकों ने यह बताते हुए कहा कि सरल, व्यवहारिक एवं सामुदायिक-उपयोगी संदेशों के जरिए परंपरा को आधुनिक जीवन से जोड़ा जाना ही इस यज्ञ का उद्देश्य था।

आगामी आयोजन: मंदिर प्रशासन ने सूचित किया है कि आगामी रविवार, 14 सितंबर 2025 को प्रातः 8 से 10 बजे तक पितृ पुष्टि पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ पुनः निशुल्क आयोजित किया जाएगा। आयोजक जनसमूह से विशेष रूप से आग्रह कर रहे हैं कि वे साफ-सफाई, पेड़ारोपण और डिजिटल-डिटॉक्स जैसे संकल्पों के साथ हिस्सेदारी करें।

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Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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