Fusarium Graminearum: कोरोना जैसी महामारी से पूरी दुनिया को झकझोरने के बाद, अब ड्रैगन यानी चीन एक और खतरनाक जैविक योजना के साथ चर्चा में है। वैश्विक स्तर पर वर्चस्व की भूख से जूझता चीन अब जैविक हथियारों को भी अपनी रणनीति में शामिल कर चुका है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI ने हाल ही में दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि वे ‘Fusarium’ नामक एक खतरनाक फंगस के साथ अमेरिका में दाखिल हुए थे। (Fusarium Graminearum)यह फंगस न केवल फसलों को नष्ट करता है, बल्कि इससे जुड़े बैक्टीरिया इंसानों की सेहत के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
क्या है Fusarium फंगस?
फ्यूजेरियम एक प्रकार का कवक (फंगस) है, जो मुख्य रूप से फसलों को संक्रमित करता है। यह अनाज, गेहूं, मक्का आदि की खेती को प्रभावित कर सकता है। यदि बड़ी मात्रा में फैलाया जाए, तो किसी देश की कृषि अर्थव्यवस्था को तबाह करना संभव है।
🇨🇳 क्या थी चीन की योजना?
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि ये चीनी नागरिक जानबूझकर फ्यूजेरियम फंगस के साथ अमेरिका में दाखिल हुए। उनका उद्देश्य कृषि को संक्रमित करना और देश को बड़े आर्थिक संकट में धकेलना था। इसे जैविक युद्ध का एक नया रूप माना जा रहा है।
अमेरिका का दावा, दुनिया के लिए चेतावनी
FBI ने इस खुलासे के साथ वैश्विक समुदाय को चेतावनी दी है कि चीन अब जैविक हमले के जरिए दुनिया पर दबाव बनाना चाहता है। यह घटना कोरोना के बाद दूसरा बड़ा जैविक खतरा मानी जा रही है।
Two Chinese nationals have been charged with allegedly smuggling into the U.S. a fungus called Fusarium graminearum, “which scientific literature classifies as a potential agroterrorism weapon,” the Justice Department said Tuesday. https://t.co/AwD8BHNSaz
— ABC News (@ABC) June 3, 2025
अब क्या आगे?
अमेरिकी सरकार इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी हस्तक्षेप की मांग उठने लगी है।


















































