RCB जश्न हुआ कत्लगाह, मंत्री के बेटे की खुशामद में प्रशासन फेल, 11 की जान गई

Bengaluru Stampede: बेंगलुरु की शाम खुशी की होनी थी, लेकिन तबाही की बन गई। 18 साल के इंतजार के बाद जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल ट्रॉफी जीती, तो पूरे शहर में जश्न की लहर दौड़ गई। शहर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर ओर ‘RCB RCB’ की गूंज थी। लेकिन इसी खुशी की भीड़ में कुछ मासूम ज़िंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं।

बुधवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में लोग RCB की झलक पाने को उमड़े। यह कोई राजनीतिक या धार्मिक आयोजन नहीं था, बस क्रिकेट की दीवानगी थी। (Bengaluru Stampede)लेकिन भीड़ बढ़ती गई, गेट्स कम थे, नियंत्रण नाम का कोई इंतज़ाम नहीं। और फिर वही हुआ जो नहीं होना चाहिए था — भगदड़। प्रज्वल, सहाना, पूर्ण चंद्र, शिवलिंगा स्वामी, भौमिक, श्रवण… ये नाम अब सिर्फ लिस्ट में रह गए हैं। 11 लोग इस हादसे में जान गंवा बैठे और 33 से ज़्यादा अस्पतालों में ज़िंदगी से जूझ रहे हैं।

 

 मंच पर मंत्री का बेटा, सड़क पर मरती जनता

जब स्टेडियम के बाहर लोग दम तोड़ रहे थे, उस वक्त बेंगलुरु के विधान सौधा में RCB के सम्मान में सरकारी कार्यक्रम चल रहा था। इस कार्यक्रम में मंत्री का बेटा विराट कोहली के साथ मंच साझा करे — इसके लिए पूरा सरकारी सिस्टम कमर कस चुका था। जिनकी जिम्मेदारी थी जनता की जान बचाना, वो तैनात थे VIP को कुर्सी देने में।

भगदड़ के बाद हर तरफ लोगों के जूते-चप्पल बिखरे मिले।

RCB की संवेदना, कार्यक्रम में बदलाव

घटना की जानकारी मिलते ही RCB ने तुरंत अपना कार्यक्रम बदला और सोशल मीडिया पर संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया से खबर मिली और वे बेहद दुखी हैं। टीम ने अपील की कि सभी प्रशंसक अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।


35 हज़ार की जगह पहुंचे लाखों

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे को ‘अप्रत्याशित’ बताया और इसका ठीकरा क्रिकेट एसोसिएशन पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में छोटे गे ट थे, लोग गेट तोड़कर अंदर घुस गए, जिससे भगदड़ हुई। “35,000 की जगह 3-4 लाख लोग जमा हो गए,” सीएम का दावा था। वहीं, विपक्ष ने इस पर प्रशासन की नाकामी गिनाई, लेकिन सीएम ने महाकुंभ की भगदड़ का उदाहरण देकर राजनीति से दूर रहने की अपील की।

 10 लाख का मुआवज़ा, मुफ्त इलाज

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की राहत राशि और घायलों के लिए मुफ्त इलाज का ऐलान किया है। हालांकि कई सवाल अब भी हवा में हैं …जब आयोजक को पता था कि लाखों लोग आ सकते हैं, तो इंतज़ाम क्यों नाकाफी थे?

PM मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा…“बेंगलुरु में हुई दुर्घटना बहुत ही हृदयविदारक है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

भगदड़ में बेहोश बच्चे को ले जाते पुलिस वाले।

 क्या अब भी सुधरेंगे सिस्टम?

इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि भीड़ के लिए हमारा सिस्टम तैयार नहीं। जहां एक ओर जश्न था, वहीं दूसरी ओर लापरवाही, असंवेदनशीलता और VIP संस्कृति की पोल खुलती रही। क्या हर जश्न का अंत यूं ही मातम में होगा? या अब कोई सीखेगा भी?

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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