Pali police bribe scandal: पाली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए खिंवाड़ा थाने के कोट सोलंकियान(Pali police bribe scandal) चौकी में तैनात एक कांस्टेबल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मामले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है, खासकर तब जब रिश्वत का यह सौदा केवल एक भैंस के मारने के आरोप से जुड़े मामूली विवाद पर किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. रविप्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि परिवादी ने एसीबी पाली प्रथम में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप था कि उसकी भैंस खेत में मरी पाई गई थी। इस मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले कांस्टेबल कानाराम मीणा ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। परेशान परिवादी ने आखिरकार एसीबी की मदद लेने का फैसला किया, और इसके बाद मंगलवार को एसीबी ने जाल बिछाकर कांस्टेबल को 10 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए धर दबोचा।
शिकायत का सत्यापन और कार्रवाई
जैसे ही एसीबी पाली प्रथम इकाई के पास यह शिकायत पहुंची, एएसपी धर्मेंद्र डूकिया के नेतृत्व में टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान शिकायत को सही पाया गया, जिसमें यह भी सामने आया कि आरोपी कांस्टेबल कानाराम मीणा ने पहले ही परिवादी से 5 हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद मंगलवार को एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल को 10 हजार रुपये रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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