Liberia Container Vessel: तेल ले जा रहा लाइबेरियाई कंटेनर जहाज शनिवार को केरल तट से 38 समुद्री मील (लगभग 70 किमी) दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। करीब 10 कंटेनर समुद्र में जा गिरे। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने लोगों को चेतावनी दी है कि अगर कंटेनर या तेल रिसाव किनारे तक पहुंचे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। कंटेनरों में वीएलएसएफओ (वेरी लो सल्फर फ्यूल) और एमजीओ (मरीन गैस आयल) है। 184 मीटर लंबा जहाज एमएससी एल्सा-3 शुक्रवार को विजिंझम बंदरगाह से कोच्चि के लिए रवाना हुआ था।(Liberia Container Vessel)24 मई दोपहर करीब 1.25 बजे भारतीय अधिकारियों को सूचना दी गई कि जहाज करीब 26 डिग्री तक झुक गया है और तत्काल सहायता मांगी गई।
कोस्टगार्ड ने संभाला मोर्चा
तटरक्षक बल बचाव कार्यों का समन्वय किया। तटरक्षक बल ने एक्स पर पोस्ट किया, जहाज पर सवार चालक दल के 24 सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया है। बचाव अभियान जारी है। भारतीय तटरक्षक बल के विमानों ने जहाज के पास अतिरिक्त जीवनरक्षक नौकाएं उतारीं।बचाव अभियान में चालक दल के सदस्यों को चिकित्सा सहायता भी प्रदान की गई। जहाज के चालक दल में फिलीपींस के 20, रूस का एक, यूक्रेन का दो और जार्जिया का एक व्यक्ति शामिल है।
इस हादसे ने न सिर्फ मानव जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि समुद्री पर्यावरण को लेकर भी गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। जहाज पर सैकड़ों कंटेनर लदे हुए हैं और यदि ये समुद्र में गिरते हैं, तो तेल रिसाव और विषैले रसायनों के कारण समुद्री जीवन और तटीय पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। कोस्टगार्ड ने इस संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे के पीछे गलत लोडिंग, ओवरलोडिंग, और स्टेबिलिटी चेक में लापरवाही जैसी संभावनाएं हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि बचाव कार्य अभी जारी है, लेकिन कोस्टगार्ड की तेज कार्रवाई और हवाई सहायता के चलते उम्मीद की जा रही है कि बाकी चालक दल को भी सुरक्षित निकाल लिया जाएगा और किसी बड़े नुकसान से बचा जा सकेगा।
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