दर्शन बंद — समय सारिणी (सार)
| प्रारम्भ | समाप्ति | कारण |
|---|---|---|
| 26 अक्टूबर रात 10:00 | 27 अक्टूबर शाम 17:00 | विशेष पूजा-श्रृंगार और भोग/तैयारी |
तैयारियों का परिदृश्य
- श्रृंगार व भोग: जन्मोत्सव से पहले प्रतिष्ठित श्रृंगार व विशेष भोग लगाए जाएंगे — जिसके लिए मंदिर प्रांगण को बंद कर विस्तृत तैयारी की आवश्यकता है।
- सुरक्षा-व्यवस्था: भारी भीड़ की सम्भावना के मद्देनजर पुलिस, प्रशासन व मंदिर स्टाफ ने विशेष सिक्योरिटी व ट्रैफिक प्लान तैयार किए हैं।
- लोकल-इकोनॉमी: तैयारियों के दौरान स्टॉल, आवास और यात्रा सेवा प्रदाताओं की मांग अस्थायी रूप से कम या पुन:संरचित हो सकती है — पर मुख्य उत्सव पर मांग तेज़ बढ़ने की उम्मीद है।
जन्मोत्सव की आधिकारिक तिथि और पौराणिक संदर्भ
खाटूश्यामजी का जन्मोत्सव पारंपरिक रूप से कार्तिक शुक्ल एकादशी को मनाया जाता है; इस वर्ष यह तिथि 1 नवंबर निर्धारित की गयी है। ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष (2024) जन्मोत्सव 12 नवंबर को मनाया गया था — पंचांग और शुभ तिथियों के अनुसार तिथि में यह परिवर्तन सामान्य है।
भक्तों के लिए सुझाव और कमेटी की अपील
- 26–27 अक्तूबर को मंदिर खुलने-बंद के समय को ध्यान में रखकर ही दर्शन की योजना बनाएं।
- मुख्य जन्मोत्सव (1 नवंबर) के लिए अग्रिम यात्रा/आवास व्यवस्था पहले से कर लें — भीड़ अधिक होने की सम्भावना है।
- मंदिर प्रशासन द्वारा बताए गए निर्देशों, सुरक्षा बिंदुओं और आवागमन मार्गों का पालन करें।


















































