Poush Purnima: प्रयागराज महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला आज से शुरू हो गया है। पहले दिन पौष पूर्णिमा पर अब तक 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालु स्नान-दान के बाद लेटे हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण का अनुमान है कि आज 20 से 25 लाख श्रद्धालु (Poush Purnima )पहुंच सकते हैं।
ठाकुरजी को धवल पोशाक धारण
पौष पूर्णिमा ब्रह्म योग, इंद्र योग और शिव वास योग में शनिवार को मनाई गई। पौष पूर्णिमा के साथ प्रयाग राज में माघ मेला शुरू हो गया। छोटीकाशी में पौष पूर्णिमा को ठाकुरजी को धवल पोशाक धारण कराकर सफेद पुष्पों से श्रृंगार किया गया।
दूध से बनी खीर का भोग लगाया गया। वहीं, मंदिरों के बाहर और गोशालाओं में श्रद्धालुओं ने जमकर दान-पुण्य किया। पौष पूर्णिमा का मुख्य आयोजन आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में हुआ। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर सफेद गर्म जामा पोशाक धारण कराई गई। मोगरे की सफेद कलियों और चंदन से श्रृंगार किया गया।
मंगला से शयन झांकी तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक सपं्रदाय की प्रधान पीठ श्री सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार का वेदोक्त मंत्रोच्चार से अभिषेक कर पुष्पों से श्रृंगार किया गया।
खीर सहित अन्य धवल भोग सामग्री का भोग लगाया गया। चौड़ा रास्ता के राधा दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर जी की विशेष धवल झांकी सजाई गई। मदन गोपाल जी, त्रिपोलिया बाजार के विनोदी लाल जी, पुरानी बस्ती के गोपीनाथ जी, रामगंज बाजार के लाड़लीजी, चादंनी चौक के बृज निधि जी सहित अन्य वैष्णव मंदिरों में पौष पूर्णिमा पर विशेष झांकी के दर्शन कराए गए।
जनता कॉलोनी में किए सवा लाख जप:
सबके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ शनिवार को जनता कॉलोनी स्थित गायत्री चेतना केन्द्र पर शनिवार को सवा लाख गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान हुआ। साधकों ने अखंड दीपक के समक्ष बैठकर 5, 11, 21, 31 माला का जप किया। जप के दौरान सभी के मंगलमय जीवन की भावना की। कुछ लोगों ने अपने घर पर ही जप किया। जप के बाद गायत्री महायज्ञ किया गया। गायत्री महामंत्र के साथ आहुतियां प्रदान की गई। श्री श्याम मंदिरों में शनिवार को अखंड ज्योति प्रज्जवलित कर कीर्तन का आयोजन किया गया।
अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.bodhsaurabh.com
संपर्क: editorbodhsaurabh@gmail.com


















































