UNSC India Statement: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर दो टूक और सख्त संदेश दिया है। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठ फैलाकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैध( UNSC India Statement)और जरूरी कार्रवाई थी।
ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का स्पष्ट रुख
पार्वथनेनी हरीश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य किसी देश को निशाना बनाना नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह इस ऑपरेशन को लेकर जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहा है।
भारत ने यह भी खुलासा किया कि तनाव बढ़ने के बाद 10 मई को खुद पाकिस्तान ने भारत से संपर्क कर संघर्ष रोकने की अपील की थी। यह सच्चाई पाकिस्तान के दावों की पोल खोलती है।
सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा संदेश
सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक इस संधि को लागू करना संभव नहीं है।
भारत ने कहा कि कोई भी देश अपनी सुरक्षा को खतरे में डालकर किसी संधि का पालन करने के लिए मजबूर नहीं हो सकता। 1960 में हुई यह संधि आपसी विश्वास पर आधारित थी, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस भरोसे को तोड़ा है।
आतंकवाद पर दोहरा रवैया छोड़े पाकिस्तान
यूएन में भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तान की असलियत को पहचाने और आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और ठोस रुख अपनाए।
भारत ने कहा कि शांति की राह तभी संभव है, जब पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद करे। राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
कश्मीर पर भी भारत का साफ संदेश
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा। भारत ने दोहराया कि वह शांति चाहता है, लेकिन मजबूती के साथ। आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।


















































