घटना कैसे हुई?
सोमवार सुबह करीब 8:05 से 8:10 बजे के बीच मुख्यमंत्री जनता की शिकायतें सुन रही थीं। तभी अचानक एक व्यक्ति मंच तक पहुंचा और उन पर थप्पड़ मार दिया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
जनसुनवाई जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में किसी का आसानी से मंच तक पहुंच जाना और मुख्यमंत्री पर हमला करना सुरक्षा इंतजामों की बड़ी खामी को उजागर करता है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी नजदीक से कोई कैसे पहुंचा और सुरक्षाबलों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
सुरेश खंडेलवाल: “मैं थोड़ी देर पहले ही पहुंचा था। मुख्यमंत्री लोगों से मिल रही थीं। आरोपी मौके की तलाश कर रहा था और अचानक उसने हमला कर दिया। पुलिस तुरंत उसे ले गई।”
अंजलि: “यह बेहद गलत है। हर किसी को जनसुनवाई का अधिकार है। अगर कोई भेष बदलकर हमला कर सकता है, तो यह सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती है।”
शैलेंद्र कुमार: “मैं अपनी शिकायत लेकर आया था। जैसे ही गेट पर पहुंचा, अचानक हंगामा हो गया। मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया। यह बहुत गलत है।”
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अभी तक हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती जांच में आरोपी के व्यवहार और पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है। यह घटना राजधानी की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा सकती है, क्योंकि विपक्ष अब सुरक्षा व्यवस्था और जनता से जुड़े कार्यक्रमों की पारदर्शिता पर सवाल उठा सकता है।
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