Jaipur News: जयपुर। श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही छोटी काशी के विभिन्न स्थानों पर पितरों के निमित्त श्रीमद् भागवत कथाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी आगरा रोड जामडोली की चिकित्सा सागर कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यास पीठ से आचार्य अरुण कृष्ण पाराशर ने सोमवार को श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग का श्रवण कराया। (Jaipur News) उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में भागवत कथा का आयोजन पितृों को मोक्ष प्रदान करता है।
भगवान कृष्ण और रुक्मणी के विवाह कथा का प्रसंग श्रवण करने मात्र से वैवाहिक जीवन की कटुता मधुरता में बदल जाती है। इससे पहले गोवर्धन पूजन की कथा हुई। छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। आयोजक कैलाश चंद्र शर्मा, सुभाष मिश्रा, जोगेंद्र मित्तल, पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली, गायत्री चेतना केंद्र मुरलीपुरा के मनु महाराज, मुकेश शर्मा, प्रमोद, विष्णु शर्मा, राकेश मिश्रा ने व्यास पीठ की आरती उतारी। विष्णु शर्मा ने बताया की कथा का विश्राम 10 सितंबर को होगा।
श्री बालाजी धाम में अखण्ड रामायण पाठ का समापन
>>>>>>>>>जयपुर। शहर से 30 किमी दूर अरावली पर्वतमालाओं के बीच मध्ययुगीन अत्यंन्त प्राचीन मंदिर श्री रघुनाथजी- श्री विशनपुरा बालाजी धाम-विशनपुरा जमवारामगढ़ में विगत 25 वर्षों से अनवरत रूप से जारी अखण्ड रामायण पाठ के अनुसरण में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ 304 वें अखण्ड रामायण पाठ का समापन हुआ। प्रयागराज से लाए गए गंगाजल,सुगंधित द्रव्य,पंचामृत, सर्वोषधि से जलाभिषेक कर श्री बालाजी महाराज को घी-सिंदूर का चोला अर्पित किया गया। साथ ही मध्ययुगीन श्रीरघुनाथजी मंदिर में विराजित प्रभु श्रीराम, जानकी जी,लक्ष्मण जी तथा विलक्षण 108 लिंगी श्री रामेश्वरम महादेव की भी विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंदिर श्री रघुनाथजी-श्री बालाजी धाम विशनपुरा के ट्रस्टी एवं प्रवक्ता पीयूषपाणि चतुर्वेदी ने बताया कि ऐतिहासिक रामगढ़ बांध के पुन: जलमग्न होने की कामना से प्रतिमाह अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है।
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