पश्चिम बंगाल में सोमवार, 17 जून को एक बड़ा हादसा हो गया. सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस को न्यू जलपाईगुड़ी के पास एक मालगाड़ी से पीछे से टक्कर मार दी. 8 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने कि खबर आई है. गैस कटर की मदद से बोगियों को काटकर लोगों को रेस्क्यू किया गया.
कैसे हुआ था हादसा?
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष एवं CEO जया वर्मा सिन्हा ने बचाव अभियान की जानकारी दी. उन्होंने बताया, बचाव अभियान पूरा हो गया है. सिग्नल की अनदेखी करने वाले ड्राइवर (लोको पायलट) की मौत हो गई है और कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड की भी जान चली गई है. अगरतला-सियालदह मार्ग के सभी रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं.”
इससे पहले उन्होंने दुर्घटना की जानकारी देते हुए कहा, “आज सुबह यह हादसा हुआ है, कंचनजंगा एक्सप्रेस, जो अगरतला से सियालदह जा रही थी, उसे पीछे से मालगाड़ी ने सिग्नल को तोड़ते हुए टक्कर मारी है. ट्रेन के पीछे का गार्ड का डिब्बा, दो पार्सेल वैन और जनरल डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं.”
जया वर्मा ने बताया कि लगभग 50 लोग घायल हैं, उनका इलाज चल रहा है. उन्हें ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई हैं, उनका इलाज अच्छी तरह से जारी है… अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है, साथ ही उन्हें पूरी चिकित्सीय सुविधा पहुंचाई जाएगी. हमने हेल्पलाइन, हेल्प डेस्क जारी किए हैं जिससे यात्रियों के परिजन को उनके बारे में जानकारी ले सकते हैं. यह ट्रेन अगरतला से सियालदह जा रही थी इसलिए मार्ग के हर स्टेशन पर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है.


















































