देवनानी बनाम गहलोत…क्या ये सिर्फ बयानबाज़ी है या कोई बड़ा राजनीतिक संदेश?

Rajasthan Politics: जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सियासी तापमान सत्र शुरू होने से पहले ही बढ़ गया है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने तीखा लेकिन संतुलित जवाब देकर साफ कर दिया है कि सदन की गरिमा और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। (Rajasthan Politics) उन्होंने विपक्ष पर जानबूझकर भ्रम फैलाने और पुराने नियमों को नया बताकर राजनीतिक माहौल गरमाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओं ने विधायकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला करार दिया था, लेकिन देवनानी ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा दिखाया जा रहा है मानो विधानसभा में पहली बार कोई सख्ती लागू की गई हो, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है।

“आरोप गंभीर हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे उनका सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने सत्र से पहले जारी बुलेटिन को ठीक से पढ़ा ही नहीं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लोकतंत्र को कैसे नुकसान पहुंचाया जाता है, यह गहलोत साहब बेहतर जानते होंगे।

2020 का बुलेटिन बना 2026 का मुद्दा

देवनानी ने साफ किया कि जिस बुलेटिन पर आज विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह कोई नया दस्तावेज नहीं है। उन्होंने साल 2020 के बुलेटिन संख्या 26 का हवाला देते हुए कहा कि उसमें भी स्पष्ट निर्देश थे कि प्रश्न अनावश्यक रूप से लंबे नहीं होंगे और पांच साल से अधिक पुरानी जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह नियम 2020 से लागू है, तो 2026 में आकर इसे अचानक लोकतंत्र विरोधी क्यों बताया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उस समय सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तब उन्हें इसमें कोई आपत्ति क्यों नहीं दिखी।

‘तुच्छ’ शब्द पर राजनीति क्यों?

विपक्ष द्वारा ‘तुच्छ’ शब्द पर उठाए गए सवालों पर देवनानी ने कहा कि यह शब्द कोई नया नहीं है। यह लोकसभा में 1952 से और देश की अन्य विधानसभाओं में 1956 से प्रक्रिया का हिस्सा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही और प्रक्रिया तय करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।

 बैठक 27 जनवरी को

तनाव के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने संवाद का दरवाजा खुला रखते हुए 27 जनवरी को दोपहर 3 बजे अपने चेंबर में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने सभी दलों और सदस्यों से अपील की है कि वे राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर सदन को सुचारू और गरिमापूर्ण ढंग से चलाने के लिए अपने सुझाव दें।

स्पष्ट है कि विधानसभा सत्र से पहले ही नियम, मर्यादा और लोकतंत्र की परिभाषा को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो चुकी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सर्वदलीय बैठक से कोई सहमति बनती है या सदन में टकराव और तेज होगा।

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Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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