JaipurMetroPhase2: जयपुर। जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में अब 36 नहीं, 37 स्टेशन प्रस्तावित हैं। प्रहलादपुरा रिंग रोड से लेकर विद्याधर नगर-टोड़ी मोड़ तक 42.8 किमी लंबी इस लाइन पर नया स्टेशन टोंक रोड के तारों की कूंट के निकट बनेगा …जो प्रस्तावित (JaipurMetroPhase2) राजस्थान मंडपम और यूनिटी मॉल के पास है।
क्यों आवश्यक था नया स्टेशन?
- राजस्थान मंडपम और यूनिटी मॉल जैसे बड़े कन्वेंशन-और-कॉमर्शियल हब के पास बनने से संभावित यात्री-भार काफी अधिक रहने का आकलन किया गया।
- राइट्स (भारतीय रेलवे की संस्था) द्वारा टेक्नीकली और ऑपरेशनली इसका प्रस्ताव फिज़िबल बताया गया—नजदीकी बी-2 बायपास स्टेशन और एयरपोर्ट स्टेशन के बीच यह स्टेशन यात्रियों की पहुंच और वितरण को बेहतर बनाएगा।
- परिणामस्वरूप यह सिर्फ एक ट्रांज़िट स्टेशन नहीं बल्कि ट्रांज़िट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) का केंद्र बनकर आसपास के वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
लोकेशन और दूरी का विवरण
- नया स्टेशन बी-2 बायपास मेट्रो स्टेशन से ≈ 550 मीटर और एयरपोर्ट स्टेशन से ≈ 1.1 किलोमीटर दूरी पर प्रस्तावित है—इस प्रकार यह दोनों प्रमुख स्टेशनों के मध्य एक सहज पैसेंजर वितरण बिंदु बनेगा।
- स्टेशन पर तीन एंट्री/एग्ज़िट-पॉइंट रखे जाने का प्रस्ताव है — (1) सड़क-नजदीकी प्रवेश, (2) भूमिगत कनेक्शन (पैदल सुरंग), (3) राजस्थान मंडपम/यूनिटी मॉल के सामने डायरेक्ट एंट्री — ताकि भीड़-प्रवाह बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
सुविधाएँ और विकास के फायदे
- राजस्थान मंडपम में एग्ज़ीबिशन हॉल, ओपन हॉल और ऑडिटोरियम की योजना है—इनसे आयोजन-आधारित यात्राओं का भार कंट्रोल करने में यह स्टेशन महत्वपूर्ण रहेगा।
- यूनिटी मॉल में मेक-इन-इंडिया उत्पादों के प्रोत्साहन से रिटेल-ट्रैफिक बढ़ने की संभावना है; स्टेशन से तुरंत कनेक्टिविटी इसे और प्रभावी बनाएगी।
- स्थानिक भूमि-अधिग्रहण टार्गेटेड है — निजी जमीन तथा एयरपोर्ट परिसर की कुछ भूमि को अधिग्रहण कर स्टेशन परिसर और एप्रोच सुनिश्चित की जाएगी।
प्रक्रिया और अगला कदम
- जयपुर मेट्रो की उच्चस्तरीय बैठकों में CMD वैभव गालरिया की अध्यक्षता में नए स्टेशन की संभावना पर चर्चा हुई और राइट्स को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
- अब यह प्रस्ताव DPR में शामिल कर राज्य सरकार से स्वीकृति ली जाएगी; उसके बाद केन्द्र को भेजकर अंतिम मंजूरी और वित्तीय एप्रोवल के लिए प्रोसेस आगे बढ़ेगा।
- भूमि अधिग्रहण एवं डिजाइन-ड्रॉइंग के बाद निर्माण-शेड्यूल तथा यात्री प्रवाह मॉडल अपडेट किए जाएंगे।
नोट: रिपोर्ट-आधारित यह विवरण आधिकारिक DPR और सरकारीनिर्णय पर निर्भर है; स्वीकृति के बाद परियोजना के तकनीकी-वित्तीय पहलुओं में संशोधन संभव है।
अपडेट्स के लिए जुड़े रहें www.bodhsaurabh.com


















































