Farmers Protest: सवाई माधोपुर में पानी की मांग को लेकर किसानों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है. किसानों का गुस्सा अब सड़कों से बाहर निकलकर रेलवे ट्रैक तक पहुंच चुका है. पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग पर पिछले 12 दिनों से आंदोलन किया जा रहा है. किसानों ने सोमवार को बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग ठप कर दिया है. खंडिप कस्बे में सैकड़ों किसान इकट्ठा होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए हैं. (Farmers Protest)जिसके कारण यातायात काफी प्रभावित होते हुए नजर आ रहा है. किसानों के इस आंदोलन के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया…
खेतों में पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है. कई दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन तेज करने पर मजबूर होना पड़ा. अब यह विरोध धरना स्थल से निकलकर रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है. किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी और हजारों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा.
खेती का समय निकलता जा रहा
खंडीप में किसानों का आंदोलन पिछले 12 दिनों से चल रहा है. बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है. इस आंदोलन का नेतृत्व विधायक रामकेश मीणा कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि पांचना बांध से नहरों में जल्द पानी छोड़ा जाए, ताकि खेतों की सिंचाई समय पर की जाए. किसानों का कहना है कि खेती का समय निकलता जा रहा है. पानी न मिलने के कारण फसल काफी ज्यादा प्रभावित हो रही है. उनके कहा कि इस समयस्या का जल्द सामाधान होना चाहिए. क्योंकि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ा हुई है.
किसान अपनी मांग पूरी होने
आंदोलन अचानक बड़ा हो गया, जब सैकड़ों किसान खंडिप में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए. किसानों के ट्रैक पर बैठने से रेल यातायात प्रभावित हो गया और प्रशासन को समस्या का सामना करना पड़ा. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर रखी. किसानों का कहना है कि वे कोई झगड़ा नहीं चाहते, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. किसान अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं.
समस्या का कोई समाधान नहीं
आंदोलन को संबोधित करते हुए विधायक रामकेश मीणा ने कहा कि किसान पूरी तरह शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपनी बात रख रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 11 दिनों से किसान लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है. रामकेश मीणा ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और अब उनका धैर्य खत्म हो रहा है.

















































