Moscow drone attack: जब आसमान में बारूद की बू थी, और नीचे हवाईपट्टी पर बेचैनी पसरी थी… तभी भारत से आए सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मॉस्को के आसमान में पहुंच चुका था। DMK सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल का विमान ठीक उसी वक्त डोमोडेडोवो एयरपोर्ट पर उतरने वाला था, जब यूक्रेन के ड्रोन रूसी राजधानी पर हमला कर रहे थे।(Moscow drone attack) रूसी एयर डिफेंस फोर्स ने रातभर की कार्रवाई में 105 ड्रोन मार गिराए, जिनमें 26 सीधे मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। ऐसे में भारतीय विमान को भी 40 मिनट तक हवा में चक्कर काटना पड़ा।
भारतीय राजदूत ने किया स्वागत, कनिमोझी के नेतृत्व में डेलिगेशन
जैसे ही हालात नियंत्रित हुए, विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर भारतीय राजदूत विनय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और भारत-रूस संबंधों पर चर्चा की। इस डेलिगेशन में सांसद राजीव राय, कैप्टन ब्रिजेश चौटा, प्रेम चंद गुप्ता, अशोक मित्तल और मंजीव पुरी शामिल हैं।
रूस से स्पेन तक, पांच देशों की यात्रा पर डेलिगेशन
यह प्रतिनिधिमंडल अब स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया और स्पेन की यात्रा करेगा। उद्देश्य स्पष्ट है—दुनिया को यह बताना कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है और पाकिस्तान इस वैश्विक संकट में सबसे बड़ा दोषी है।
ऑपरेशन सिंदूर का संदेश लेकर 33 देशों में पहुंचे भारतीय सांसद
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाने का जिम्मा 59 सांसदों को सौंपा गया है। ये सभी सांसद 7 सर्वदलीय टीमों में बंटकर 33 देशों में गए हैं।
5 बड़े संदेश जो दुनिया को देगा भारत का यह अभियान
1️⃣ आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
भारत का यह स्पष्ट संदेश है कि किसी भी आतंकी नेटवर्क को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर इसी नीति का हिस्सा है।
2️⃣ पाकिस्तान आतंक का समर्थक है
सांसदों के पास सबूत हैं कि TRF जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान के समर्थन से भारत में हमले करते हैं।
3️⃣ भारत जिम्मेदार ताकत है
भारतीय सेना ने ऑपरेशन में संयम बरता, जिससे किसी निर्दोष पाकिस्तानी नागरिक को नुकसान नहीं हुआ।
4️⃣ विश्व को एकजुट होना होगा
सांसद हर देश से आग्रह करेंगे कि आतंकवाद के खिलाफ खुलकर खड़े हों और पाकिस्तान को अलग-थलग करें।
5️⃣ पाक के खिलाफ भारत की बदली रणनीति
अब भारत सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि पहले ही खतरे को निष्क्रिय करेगा, ये संदेश साफ है।
ड्रोन हमले से रुकीं 153 फ्लाइट्स, हजारों यात्री प्रभावित
रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन हमलों की वजह से शेरमेत्येवो, डोमोडेडोवो, झुकोवस्की और वोनुकोवो एयरपोर्ट्स पर अस्थायी रूप से उड़ानें रोकी गईं। 153 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं, जिनमें हजारों यात्रियों की यात्रा पर असर पड़ा। मॉस्को में हुए इस ड्रोन अटैक ने न केवल रूस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को भी खतरे में डाल दिया। हालांकि, समय रहते हालात काबू में आए और अब यह डेलिगेशन दुनिया को यह दिखाने निकला है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ बोलता नहीं, एक्शन भी लेता है।


















































