कपल्स को झटका! कृष्ण मठ स्ट्रीट पर फोटोशूट हुआ बैन, जानें क्या है असली वजह

Udupi Krishna Temple Ban: आस्था और परंपरा के संगम स्थल पर जब आधुनिकता की झलक असहजता पैदा करने लगे, तब टकराव लगभग तय होता है। कर्नाटक के पवित्र उडुपी श्री कृष्ण मठ में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जहां भक्तिभाव की भूमि पर बढ़ते प्री-वेडिंग फोटोशूट्स ने मठ प्रशासन को कठोर निर्णय लेने पर विवश कर दिया है।

अब श्री कृष्ण मठ की रथ स्ट्रीट पर न तो फ्लैश लाइट जलेगी, न ही रील्स की रिकॉर्डिंग होगी। मंदिर प्रशासन ने प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग फोटोशूट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। (Udupi Krishna Temple Ban)यह फैसला मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और सुबह की पूजा व्यवस्था के दौरान शालीनता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। स्वामीजी के आगमन के समय फैशन और फोटोग्राफी की हलचल अब इतिहास बन जाएगी।कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ ने एक सख्त फैसला लेते हुए रथ स्ट्रीट परिसर में प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग फोटोशूट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह निर्णय मठ की गरिमा और धार्मिक अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

फोटोशूट के नाम पर बढ़ रही थी अशालीनता

मठ प्रशासन ने कहा है कि हाल के समय में रथ स्ट्रीट पर फोटोशूट के बहाने रोमांटिक मुलाकातों और अभद्र व्यवहार की घटनाएं देखी गई हैं। खासकर केरल और बेंगलुरु जैसे शहरों से आने वाले फोटोग्राफरों और जोड़ों की बढ़ती भीड़ ने धार्मिक माहौल को प्रभावित करना शुरू कर दिया था।

अष्टमठाधीशों का पवित्र मार्ग बना ‘शूटिंग स्पॉट’

रथ स्ट्रीट कोई आम रास्ता नहीं है। यह वही मार्ग है जहां अष्टमठाधीश और यति-दास सदियों से चलते आ रहे हैं। यहां पर हर दिन धार्मिक उत्सव और अनुष्ठान होते हैं। यह वह मार्ग है जहां आठ प्रमुख मठ स्थित हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर फोटोशूट के बहाने अशालीनता को मठ प्रशासन अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।


धार्मिक चेतना और आधुनिकता का टकराव

मठ अधिकारियों ने इसे धार्मिक वातावरण के खिलाफ विरोधाभास बताया। उनका कहना है कि एक ओर यहां धार्मिक चेतना और साधना का वातावरण है, तो दूसरी ओर उसी परिसर में हल्के-फुल्के मनोरंजन और गपशप चल रही है। यह आस्था के साथ खिलवाड़ है। मठ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यदि कोई इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पवित्रता और परंपरा को बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक हो गया था।

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Bodh Saurabh

Bodh Saurabh, a journalist from Jaipur, began his career in print media, working with Dainik Bhaskar, Rajasthan Patrika, and Khaas Khabar.com. With a deep understanding of culture and politics, he focuses on stories related to religion, education, art, and entertainment, aiming to inspire positive change through impactful reporting.

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