Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में बुधवार को हुए उपचुनावों में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो आने वाले परिणामों के प्रति अनिश्चितता को बढ़ाती है। कुल 69.29% मतदान के साथ, खींवसर को छोड़कर बाकी छह विधानसभा सीटों पर मतदान में 5 से 12% तक की कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट उन सीटों पर विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां मतदान हमेशा अधिक होता है। यह गिरावट न केवल जनता के रुचि स्तर का संकेत है, बल्कि राजनीतिक दलों के समर्थन आधार में भी बदलाव की संभावनाओं को दर्शाता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, झुंझुनूं, दौसा, देवली उनियारा, सलूंबर, चौरासी और रामगढ़ में मतदान दर में गिरावट आई है, जिससे 23 नवंबर को आने वाले परिणामों में बड़े उलटफेर की संभावना बढ़ गई है।
राजस्थान उपचुनाव: 7 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर, राजनीतिक समीकरणों में उलटफेर की संभावना
झुंझुनूं: त्रिकोणीय मुकाबले से भाजपा को फायदा
झुंझुनूं में निर्दलीय राजेंद्र गुढ़ा के मैदान में उतरने से कांग्रेस के परंपरागत वोटों में सेंध लगाई गई है। जाट वोट का विभाजन भी भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र भांबू के पक्ष में संकेत दे रहा है, जिससे भाजपा को बढ़त मिल सकती है।
खींवसर: बढ़े हुए मतदान से उलझा गणित
खींवसर सीट पर बढ़े हुए मतदान ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। हनुमान बेनीवाल की उपस्थिति से मुकाबला कांटे का हो गया है, जिससे स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
देवली-उनियारा: कांग्रेस की चुनौतियों से भाजपा की उम्मीदें बढ़ीं
कांग्रेस को बागी उम्मीदवारों और आंतरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे भाजपा के पक्ष में माहौल बना है। थप्पड़ कांड के बाद कांग्रेस मुकाबले में दिख रही है, लेकिन भाजपा की उम्मीदें बढ़ी हैं।
सलूंबर: सहानुभूति लहर और कांग्रेस की गुटबाजी से भाजपा को बढ़त
सलूंबर में कांग्रेस की गुटबाजी और बूथ काउंटरों की कमी से भाजपा को बढ़त मिल रही है। सहानुभूति के चलते कई बूथों पर भाजपा का समर्थन मजबूत नजर आ रहा है।
चौरासी: बीएपी समर्थकों की सक्रियता से भाजपा को चुनौती
चौरासी सीट पर बीएपी समर्थक टोलियों में बूथों पर पहुंचे हैं, जिससे आरएसएस के प्रयासों के बावजूद भाजपा की स्थिति अस्पष्ट है। यहां मुकाबला बेहद नजदीकी हो सकता है।
रामगढ़: एससी वोट के झुकाव के बावजूद भाजपा की टक्कर
रामगढ़ में इस बार भाजपा ने कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है, लेकिन एससी वोट के झुकाव और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की सक्रियता के चलते कांग्रेस मजबूती से टिकी हुई है।
दौसा: इमोशनल कार्ड से भाजपा की स्थिति मजबूत
दौसा में भाजपा के जगमोहन मीणा ने कांग्रेस के दीनदयाल बैरवा को कड़ी टक्कर दी है। किरोड़ी के इमोशनल कार्ड का फायदा भाजपा को मिल सकता है, हालांकि कांग्रेस का समर्थन भी कमजोर नहीं दिख रहा।
विपक्ष के लिए चौंकाने वाले परिणाम आएंगे
भाजपा ने विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया है, जिससे सातों सीटों पर उसकी जीत संभावित है।
— मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
सत्ता का दुरुपयोग हुआ, फिर भी जनता ने भाजपा को नकारा
भाजपा के दमन के बावजूद जनता ने सातों सीटों पर भाजपा को नकार दिया है।
— टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष
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