US-Israel Strike on Iran: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर जंग की शुरुआत हो गई है. इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को अचानक ईरान पर एयरस्ट्राइक कर दी. तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोम्हौरी समेत कई इलाकों में मिसाइलें गिराई गईं. जिसका ईरान ने भयंकर पलटवार किया है. अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, आबुधाबी, कतर समेत 7 अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला बोला है. इन एयरबेस पर 70 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं.
ईरान के हमले के बाद इन मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है. आइलैंड किंगडम में अमेरिकी नेवी के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर पर भी हमला किया गया है. तेहरान ने पहली ही धमकी दी थी कि (US-Israel Strike on Iran )अगर उसके ऊपर हमला हुआ तो वह सबसे पहले US एयरबेस को निशाना बनाएगा. लेकिन ट्रंप ने खाड़ी देशों को सुरक्षा का भरोसा दिया था. ईरान के इस जवाब के बाद मिडिल ईस्ट महाजंग की ओर जाता नजर आ रहा है.
अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी
तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में कहा गया है कि US दूतावास और अन्य नागरिक सुरक्षित घरों में रहें. यह एडवाइजरी खासकर संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और कतर में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी की गई है.
हमले को लेकर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूएस-इजरायल का जॉइंट हमलों का मकसद ईरान सरकार से आने वाले खतरों को खत्म करना है. उन्होंने कहा कि US मिलिट्री ने ईरान में बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू किया है. हम अमेरिकी लोगों की रक्षा करना चारते हैं. अल-जजीरा के मुताबिक, ट्रंप ने धमकी दी कि हम ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने जा रहे हैं. उनकी मिसाइल इंडस्ट्री और नेवी को खत्म कर देंगे. हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक यह सुश्चित न हो जाए कि उसके न्यूक्लियर वेपन खत्म हो गए. ईरान को सरकार को जल्द एहसास हो जाएगा कि यूनाइटेड स्टेट्स आर्म्ड फोर्सेज को चुनौती देना उसकी कितनी बड़ी भूल थी.

















































