यह कार्यक्रम Centre for Community Resilience and Advocacy Foundation (CCRAF) के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ करियर की जानकारी देना नहीं, (Dausa News)बल्कि उन्हें स्वयं को समझने और सही निर्णय लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार करना रहा।
विषय चयन से लेकर जीवन लक्ष्य तक मिली स्पष्ट समझ
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विषय चयन, अभिरुचि एवं क्षमता की पहचान, विभिन्न शैक्षणिक धाराओं, उच्च शिक्षा के अवसरों, प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों और दीर्घकालिक करियर योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया।
इस सत्र का संचालन कार्यक्रम समन्वयक अनामिका चक्रवर्ती, मुख्य सलाहकार दीपक आमेटा एवं आशीष वैष्णव द्वारा किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों के सवालों को गंभीरता से सुना और उन्हें वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समाधान समझाए।
करियर गाइडेंस से बनता है सशक्त समाज: राम शर्मा
सीसीआरएएफ के संस्थापक एवं निदेशक राम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि करियर मार्गदर्शन जैसे कार्यक्रम केवल विद्यार्थियों के भविष्य को ही नहीं, बल्कि समाज को भी सशक्त और जागरूक बनाने की नींव रखते हैं।
वहीं संस्था के सह-संस्थापक एवं निदेशक डॉ. गणेश नारायण चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत और लक्ष्य के प्रति केंद्रित बनाने के लिए ऐसे सत्र आज की सबसे बड़ी जरूरत हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया समय की जरूरत
विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद हुसैन एवं उप-प्रधानाचार्य श्री रामरूप मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सही समय पर दिया गया करियर मार्गदर्शन विद्यार्थियों को भटकाव से बचाता है और उन्हें अनुशासित, आत्मविश्वासी एवं लक्ष्य-उन्मुख बनाता है।
कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों में करियर को लेकर स्पष्टता, आत्मविश्वास और भविष्य की योजना बनाने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का दिशा बदलने वाला अनुभव बताया।
समग्र रूप से यह आयोजन विद्यालयी शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर, उसे जीवनोपयोगी और उद्देश्यपूर्ण बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
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