क्या 40 साल से बंद शिव मंदिर आखिरकार खुलेगा? कोर्ट की अगली सुनवाई 21 फरवरी को तय

Ajmer News: अजमेर। अजमेर दरगाह को लेकर चल रही ऐतिहासिक और संवेदनशील बहस एक बार फिर कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका को अजमेर की सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। (Ajmer News) इस मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।

कोर्ट ने परमार को माना प्रथम पक्षकार

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह ने बताया कि न्यायालय ने इस तथ्य को विशेष महत्व दिया है कि राजवर्धन सिंह परमार ने वर्ष 2022 में राष्ट्रपति को इस संबंध में याचिका सौंपी थी। इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें इस विवाद में प्रथम पक्षकार माना है।

न्यायालय ने राजस्थान सरकार, पुरातत्व विभाग (Archaeology Department) और अजमेर दरगाह कमेटी समेत सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिए हैं।

दरगाह के भीतर शिवलिंग होने का दावा

याचिका में दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह परिसर के भीतर महादेव का प्राचीन शिवलिंग मौजूद है और प्राचीन काल में वहां नियमित पूजा-अर्चना होती थी। अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह के अनुसार, याचिका के समर्थन में सवा लाख से अधिक एफिडेविट कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं।

इन एफिडेविट्स के लिए महाराणा प्रताप सेना की ओर से राजस्थान में लगभग 7800 किलोमीटर की यात्रा की गई, जिसमें लोगों से दरगाह की ऐतिहासिक स्थिति को लेकर राय ली गई।

परमार का दावा: 40 साल से बंद है मंदिर

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि कोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार किया जाना उनके लिए ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म को मानने वालों के विश्वास की जीत है।

उन्होंने दावा किया कि अजमेर दरगाह के नीचे करीब 40 वर्षों से भगवान शिव का मंदिर बंद है, जो अब जल्द ही खुलेगा। परमार ने कहा कि मंदिर खुलने के बाद वहां विधिवत पूजा होगी और पुष्कर से जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित किया जाएगा।

परमार ने यह भी बताया कि याचिका के साथ नक्शे, रेकी रिपोर्ट और शिवलिंग के चित्र सहित कई दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए हैं। यदि न्यायालय और प्रमाण मांगता है, तो उन्हें भी प्रस्तुत किया जाएगा।

पहले भी दायर हो चुकी है याचिका

गौरतलब है कि इससे पहले 27 नवंबर 2024 को हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। उस याचिका को भी कोर्ट ने स्वीकार किया था और दरगाह कमेटी समेत तीन पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए थे।

विष्णु गुप्ता की याचिका पर भी 21 फरवरी को सुनवाई होनी है। इस मामले में दरगाह कमेटी की ओर से 7/11 की एक एप्लीकेशन भी दायर की गई है, जिस पर उसी दिन बहस होगी।अब सभी की निगाहें 21 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अजमेर दरगाह से जुड़े इस ऐतिहासिक और संवेदनशील मामले में अदालत की अगली दिशा तय होगी।

Bodh Saurabh Web Team

Bodh Saurabh is an experienced Indian journalist and digital media professional, with over 14 years in the news industry. He currently works as the Assistant News Editor at Bodh Saurabh Digital, a platform known for providing breaking news and videos across a range of topics, including national, regional, and sports coverage.

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