Vande Bharat Kashmir: जम्मू-कश्मीर में विकास की रफ्तार को नए पंख मिलने जा रहे हैं. 30 अप्रैल को पहली बार ऐसा ऐतिहासिक पल आएगा, जब ‘वंदे भारत’ ट्रेन जम्मू से सीधे कश्मीर घाटी तक दौड़ेगी. पहाड़ों, सुरंगों और खूबसूरत वादियों के बीच से गुजरती यह ट्रेन न सिर्फ आपकी यात्रा को आसान बनाएगी, ( Vande Bharat Kashmir)बल्कि पर्यटन और कारोबार को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि उद्घाटन यात्रा के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं, जबकि नियमित समय-सारिणी और अतिरिक्त ठहरावों के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी.
उन्होंने बताया कि यह ट्रेन 20 कोच वाले वंदे भारत रेक के साथ चलेगी और अपनी उद्घाटन यात्रा के दौरान लगभग 266.66 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यह ट्रेन बिजबेहारा में भी रुकेगी, जो इस सेवा के नियमित संचालन के दौरान भी एक ठहराव के तौर पर काम करेगा.
सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल
जम्मू-कश्मीर के मुश्किल इलाके और ज़ीरो से नीचे के तापमान को देखते हुए, ट्रेन में बिना किसी रुकावट के संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्नत “विंटराइजेशन” (सर्दियों के लिए विशेष तैयारी) सुविधाएं लगाई गई हैं. पहली बार, पानी की पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल लगाए गए हैं, जबकि पानी की टंकियों में 1800W के सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं.
बहुत ज्यादा ठंड के दौरान साफ-सफाई के काम को जारी रखने के लिए बायो-टॉयलेट और सहायक टंकियों में अतिरिक्त हीटिंग सिस्टम लगाए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि एयर-कंडीशनिंग सिस्टम से जुड़े गर्म हवा के डक्ट रेस्ट रूम में गर्मी पहुंचाएंगे, जबकि वैक्यूम-आधारित टॉयलेट सिस्टम के ठीक से काम करने को सुनिश्चित करने के लिए हीटर और थर्मल इंसुलेशन लगाए गए हैं.
ट्रेन में पानी निकालने का एक मैकेनिज्म भी लगा है, ताकि खड़े रहने के दौरान पानी जम न जाए; साथ ही, ड्राइवर की विंडशील्ड में एक हीटिंग एलिमेंट भी लगा है, जो बर्फबारी और कोहरे के दौरान धुंध को हटाकर साफ दिखाई देना सुनिश्चित करता है. बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम के लिए एयर ड्रायर मैकेनिज्म में हीटिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं, जबकि पानी की टंकियों के पास मौजूद जरूरी हिस्सों को नुकसान से बचाने के लिए स्टेनलेस स्टील के कवर से ढका गया है
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत ट्रेन 160 kmph तक की रफ्तार से चलेगी और इसमें यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड कोच, ऑटोमैटिक दरवाजे, LED लाइटिंग, CCTV निगरानी और एक एनर्जी-एफिशिएंट रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम शामिल हैं.
सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में इस खास वंदे भारत ट्रेन का संचालन यात्रियों और स्थानीय निवासियों, दोनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है.’
‘हमारा मकसद सिर्फ तेज सफर मुहैया कराना नहीं है, बल्कि हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना भी है—भले ही घाटी में कड़ाके की ठंड क्यों न हो. यह ट्रेन वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले एक मजबूत और भरोसेमंद पुल का काम करेगी और साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देगी.’
अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त….
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस सेवा से आम लोगों को सफर में सहूलियत मिलेगी, वहीं व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. यह कदम जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूत तरीके से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
6 जून, 2025 को शुरू हुई थी कटरा….
कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल संपर्क का सपना एक सदी से अधिक समय से लंबित था, लेकिन यह तब साकार हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को कटरा शहर से श्रीनगर के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. उसी दिन प्रधानमंत्री ने उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया, जिससे घाटी को हर मौसम में रेल संपर्क की सुविधा मिल गई.

















































