Navratri 2025: नवरात्र केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, शक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम है। जैसे ही शारदीय नवरात्र का शुभ आगमन होता है, घर-घर में माता दुर्गा की आराधना के स्वर गूंजने लगते हैं। नौ दिनों तक दीपक की अखंड लौ, मंत्रोच्चार और भक्तिभाव का वातावरण ऐसा माहौल रचता है मानो पूरा समाज देवी शक्ति से आलोकित हो उठा हो।
इस वर्ष नवरात्र 29 सितंबर से 7 अक्टूबर तक मनाया जाएगा, और देशभर में मंदिरों, पंडालों और घरों में भक्ति-उत्सव का अनूठा नजारा देखने को मिलेगा। नवरात्र शब्द संस्कृत के “नव” और “रात्रि” से बना है। (Navratri 2025) इन नौ रातों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक — की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इन दिनों में उपासना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में शक्ति, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
उपवास और पूजा-पद्धति
भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं, फलाहार करते हैं और घर में अखंड ज्योति प्रज्वलित करते हैं। पहले दिन घटस्थापना की जाती है और नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। अंतिम दिन नवमी और दशहरा पर कन्या पूजन तथा विजयदशमी के उत्सव से पर्व का समापन होता है।
सांस्कृतिक विविधता
देशभर में नवरात्र का उत्सव अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। गुजरात में डांडिया और गरबा, बंगाल में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, उत्तर भारत में रामलीला और रावण दहन इस पर्व को और खास बना देते हैं। बाजारों की रौनक और मंदिरों की सजावट पूरे वातावरण को उत्सवी बना देती है। नवरात्र 2025 न केवल देवी शक्ति की उपासना का अवसर है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का पर्व भी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह महापर्व आस्था, भक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज को शक्ति और सकारात्मकता से भर देता है।
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