KS Motors: जयपुर डिस्कॉम की इंजीनियर्स विंग ने प्रतापनगर, टोंक रोड स्थित ऑटो शोरूम में कथित बिजली चोरी पकड़ते हुए 1 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोका है। DISCOM प्रबंधन के मुताबिक यह कार्रवाई ट्रांसमिशन-एंड-डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) लॉस कम करने की टारगेटेड ड्राइव का हिस्सा है, जिसमें हाई-कंजम्पशन, हाई-विजिबिलिटी कंज्यूमर्स पर फोकस किया जा रहा है।(KS Motors) यह शोरुम उद्योगपति किशोर सिंह गहलोत का हैं।
मीटर बायपास, पैनल बॉक्स के इनकमिंग बसबार से डायरेक्ट सप्लाई
- टीम: AEEN वैभव उपाध्याय और XEN (मीटर्स) गिरधारी सिंह के नेतृत्व में निरीक्षण।
- ऑब्जर्वेशन: बिजली सप्लाई मीटर से न होकर सीधे पैनल बॉक्स के इनकमिंग बसबार से ली जा रही थी।
- तुरंत कार्रवाई: अनियमित कनेक्शन सील/डिस्कनेक्ट, केस रजिस्ट्रेशन, 1 करोड़ का प्रोविजनल असेसमेंट।
“T&D लॉस जीरो टॉलरेंस…बिग कंज्यूमर्स पर माइक्रो-ऑडिट”
DISCOM MD आरती डोगरा के निर्देश पर कंपनी ने हाई-रिस्क फीडर्स, कमर्शियल लोड पॉकेट्स और बड़े उपभोक्ताओं के लाइव स्पॉट ऑडिट तेज कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट मीटर, डेटा एनालिटिक्स और रैंडम फील्ड चेक मिलाकर हाइब्रिड मॉनिटरिंग चल रही है।
कानूनी फ्रेमवर्क और अगले कदम
- प्रावधान: बिजली चोरी के मामलों में विद्युत अधिनियम/प्रासंगिक नियमों के तहत जुर्माना, रिकवरी और आपराधिक कार्रवाई संभव।
- प्रोसीजर: निरीक्षण पंचनामा, तकनीकी रिपोर्ट, लोड-असेसमेंट के आधार पर अंतिम बिलिंग/रिकवरी ऑर्डर जारी होगा।
- रिमेडी: उपभोक्ता को नोटिस पर स्पष्टीकरण/अपील का अधिकार; अंतिम निर्धारण तक मामला प्रक्रियाधीन माना जाएगा।
क्यों हाई-प्रोफाइल केसों पर फोकस?
DISCOM का तर्क है कि बड़े कमर्शियल प्वाइंट्स पर एक-एक अनियमितता भी नेटवर्क लॉस, रेवेन्यू और ईमानदार उपभोक्ताओं के बिल पर असर डालती है। हाई-विजिबिलिटी एन्फोर्समेंट से डिटरेंस बढ़ता है और ग्रिड डिसिप्लिन सुधरता है।
जो जानना ज़रूरी है (कंज्यूमर्स के लिए)
- मीटर/सीटी-पीटी/पैनल बॉक्स में अनधिकृत बदलाव आपराधिक श्रेणी में आ सकता है।
- इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन में बदलाव सिर्फ लाइसेंस्ड इलेक्ट्रिशियन और DISCOM की स्वीकृति से कराएँ।
- बिलिंग/तकनीकी विवाद हों तो लिखित शिकायत और टेस्टिंग रिक्वेस्ट का विकल्प अपनाएँ।
डिस्क्लेमर
यह रिपोर्ट DISCOM के निरीक्षण और प्राथमिक जानकारी पर आधारित है। आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी/नियामकीय प्रकिया के पश्चात होगा। शोरूम/उपभोक्ता पक्ष का अधिकार सुरक्षित है कि वे अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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