International Yoga Day 2025: सदियों पुरानी भारतीय परंपरा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में इसकी महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि देशभर में योग को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास तेज़ हो चुके हैं। इस क्रम में आंध्र (International Yoga Day 2025)प्रदेश सरकार का ‘योग आंध्र अभियान’ एक प्रेरणादायी पहल बनकर उभरा है।
अभियान की भव्य शुरुआत
आंध्र प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के मौके पर एक महीने भर चलने वाले योग उत्सव की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ऐलान किया कि इस बार का मुख्य कार्यक्रम विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर आयोजित होगा, जिसमें लाखों लोग एक साथ योग करते नजर आएंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यह आयोजन गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए और दुनिया का ध्यान भारत की योग संस्कृति की ओर खींचे।
प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य अतिथि
इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम ने खुद ‘मन की बात’ में इस कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए कहा, “मुझे इस वर्ष विशाखापत्तनम में योग दिवस के आयोजन में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह देखकर गर्व होता है कि हमारे युवा साथी देश की विरासत स्थलों पर योग के माध्यम से इतिहास रचने जा रहे हैं।”
क्या है ‘योग आंध्र अभियान’?
इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे राज्य में योग को जनआंदोलन बनाना है। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि सरकार ने गांव से लेकर शहरों तक योग गतिविधियां आयोजित करने का प्लान तैयार किया है। लक्ष्य है कि इस अभियान में करीब 2 करोड़ लोग, यानी राज्य की लगभग 40% आबादी भाग लें।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने जानकारी दी कि ‘योग आंध्र अभियान’ के तहत 10 लाख योग साधकों का एक विशाल समुदाय तैयार किया जा रहा है। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक ऊर्जा का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा, “मैं खुद इस साल विशाखापत्तनम में होने वाले योग दिवस समारोह में शामिल होने के लिए उत्साहित हूं।”
युवा पीढ़ी का नया संकल्प
इस अभियान को सबसे बड़ी ताकत मिल रही है देश के युवाओं से। हजारों युवा अब न सिर्फ योग को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं, बल्कि वे भारत के सांस्कृतिक स्थलों पर जाकर ऐतिहासिक योग श्रृंखलाएं भी बना रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम बन चुका है।‘योग आंध्र अभियान’ सिर्फ आंध्र प्रदेश की पहल नहीं, बल्कि यह भारत के योग नेतृत्व की एक जीवंत मिसाल है। प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक तक, सभी इस प्रयास में जुटे हैं कि योग को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाया जाए। विशाखापत्तनम से उठी यह लहर शायद आने वाले वर्षों में पूरे विश्व को भारत के योग दर्शन से जोड़ दे।
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