Rewant Ram Danga: बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और दोनों दलों के बीच सांठ-गांठ कर खींवसर क्षेत्र में मनमाने फैसले करवा रहे हैं। (Rewant Ram Danga)डांगा ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और वे स्वयं खींवसर से बीजेपी विधायक हैं, इसके बावजूद उनकी अनुशंसाओं को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो पार्टी को संगठनात्मक रूप से भारी नुकसान हो सकता है।
बेनीवाल की पसंद से हो रहे ट्रांसफर
डांगा ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि खींवसर में प्रशासनिक नियुक्तियां और ट्रांसफर केवल हनुमान बेनीवाल के प्रभाव में हो रहे हैं। उन्होंने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीडीपीओ, उप पंजीयक, बीसीएमओ, बीडीओ, सीबीईओ, डिस्कॉम के एईएन और जेईएन सहित कई खंड स्तरीय अधिकारियों की नियुक्तियों के लिए अनुशंसा की थी, लेकिन उनकी किसी भी सिफारिश को नहीं माना गया। इसके विपरीत, आरएलपी की विचारधारा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को खींवसर में तैनात किया गया, जिससे स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है।
मुझे राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डांगा ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि हनुमान बेनीवाल उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी मूंडवा पंचायत समिति की प्रधान हैं, लेकिन उनके द्वारा अनुशंसित सहायक लेखाधिकारी का ट्रांसफर अब तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के इशारे पर हो रहा है और इसका उद्देश्य उन्हें और उनके समर्थकों को कमजोर करना है। डांगा ने यह भी कहा कि अगर पार्टी ने जल्द इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
बीजेपी ने 16 साल बाद बेनीवाल परिवार के गढ़ में सेंध लगाई थी
खींवसर विधानसभा सीट पर लंबे समय से हनुमान बेनीवाल और उनके परिवार का वर्चस्व रहा था। वर्ष 2019 में उनके भाई नारायण बेनीवाल यहां से विधायक बने थे। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में जब हनुमान बेनीवाल नागौर से सांसद बने, तो यह सीट खाली हो गई। उपचुनाव में आरएलपी ने हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल को मैदान में उतारा, जबकि बीजेपी ने रेवंतराम डांगा को टिकट दिया। इस चुनाव में डांगा ने कनिका बेनीवाल को 13,901 मतों से हराकर बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
बीजेपी बनाम बेनीवाल…बढ़ती सियासी खींचतान
खींवसर में बीजेपी और आरएलपी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। हनुमान बेनीवाल एक समय बीजेपी के सहयोगी रहे थे, लेकिन अब दोनों दलों के बीच दूरी साफ नजर आ रही है। डांगा का यह पत्र यह दर्शाता है कि खींवसर में सत्ता संतुलन को लेकर गहरी खींचतान चल रही है। यह मामला सिर्फ एक विधायक की नाराजगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजस्थान में बीजेपी और आरएलपी के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर भी इशारा करता है।
क्या बीजेपी नेतृत्व लेगा संज्ञान?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बीजेपी नेतृत्व डांगा की शिकायत पर कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर हनुमान बेनीवाल का प्रभाव इसी तरह बना रहेगा? डांगा के पत्र ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे को कैसे हल करता है।
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