Diwali Pollution: CPCB के अनुसार दिवाली की रात दिल्ली का 24-घंटे औसत AQI 345-351 रहा और PM2.5 675µg/m³ तक पहुंचा — यह केवल आतिशबाज़ी नहीं, बल्कि नीतिगत और कार्यान्वयन की असंगति का संकेत है। दिवाली पर पारंपरिक रूप से आतिशबाज़ी के कारण वायु गुणवत्ता बिगड़ती है, पर 2025 की रिकॉर्ड ऊँची PM2.5 और AQI बताती है कि यह केवल त्यौहार का नतीजा नहीं—यह तैयारियों और नीतिगत समन्वय की कमी भी है। (Diwali Pollution) GRAP Stage-II के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण किन स्टेप्स पर नाकाम रहे, यह मुद्दा अब समाज और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चेतावनी बन गया है।
AQI और PM2.5: संख्याएँ क्या कहती हैं?
CPCB के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का 24-घंटे औसत AQI सोमवार शाम 4 बजे 345 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है; अगले दिन दोपहर तक AQI 351 रहा। PM2.5 का स्तर रात में 675 µg/m³ तक पहुंच गया — 2024 (609), 2023 (570) और 2022 (534) की तुलना में यह अधिक गंभीर है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन ने हवा की गति घटाकर प्रदूषण के फैलाव को रोक दिया।
ध्वनि प्रदूषण: नियम कहाँ गायब रहे?
DPCC के अनुसार 26 में से 23 नॉइज़ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर अनुमत सीमा से अधिक शोर दर्ज हुआ। करोल बाग में रात 11 बजे 93.5 dB(A) रिकॉर्ड हुआ—जहां सीमा केवल 55 dB(A) है। सिर्फ वायु ही नहीं, आवाज़ भी स्वास्थ्य और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बन गई है।
नीतिगत जवाबदेही और डेटा पारदर्शिता पर सवाल
सिविल समाज और कुछ विशेषज्ञों ने चरम प्रदूषण के घंटों का डेटा गायब होने का आरोप लगाया। पर पर्यावरण मंत्री का कहना है कि CPCB का सारा डेटा सुरक्षित है और वेबसाइट/ऐप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इस बयान से मतभेद दूर नहीं हुए — शहर के नागरिक और स्वास्थ्य समुदाय डेटा के खुलासे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
राजनीति ने मुद्दे को और भड़का दिया
AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने समस्या की बुनियादी जड़ — निगरानी क्षमता, जिला-स्तरीय समन्वय और उत्सव-सम्वन्धी नियमों का पालन — को पीछे धकेल दिया। जबकि कुछ केंद्रीय और राज्य-स्तरीय कारणों (जैसे पराली जलाना) को इंगित कर रहे हैं, असल सुधार स्थानीय प्रवर्तन, समय पर चेतावनी और सार्वजनिक स्वास्थ्य-संचार से आएगा।
क्या विकल्प हैं? — छोटे, व्यावहारिक कदम
- त्योहारी घंटों के लिए वास्तविक-समय मॉनिटरिंग डेटा सार्वजनिक और एक्सेसिबल बनाना।
- सख्त शोर-निगरानी और स्थानीय कार्यवाही (मुख्यतः साइलेंस जोन में)।
- तत्काल स्वास्थ्य-दिशानिर्देश — आउटडोर मास्क, संवेदनशील समूहों के लिए एडवाइजरी)
- लंबी अवधि: उत्सव-समारोहों के वैकल्पिक, कम-धुँए वाले विकल्प और सार्वजनिक जागरूकता अभियान।
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